25/06/2015

शकर के कुछ घातक दुष्परिणाम


क्या आप जानते हैं कि वे सभी कार्बोहाइड्रेट जो पानी में आसानी से घुल जाते हैं वे सभी शर्करा ही कहलाते हैं? वे रंगहीन और गंधहीन होते हैं तथा वे सभी स्वाद में मीठे होते हैं। शकर एक मादक पदार्थ है जिसकी लत हमें ड्रग्स की तरह ही पड़ सकती है। इसके परिणाम भी ड्रग्स लेने की तरह ही घातक सिद्ध हो सकते हैं। शकर खाने के 6 घंटे बाद तक हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बुरी तरह से प्रभावित रहती है जिससे कीटाणु और वायरस आसानी से हमें बीमार कर सकते हैं। इसके अलावा शकर खाने के कारण हमारी पौष्टिक भोजन जैसे सलाद सब्ज़ियाँ इत्यादि खाने की इच्छा खत्म होती चली जाती है जिससे हम कुपोषण का शिकार भी बन सकते हैं।

शकर के कुछ घातक दुष्परिणाम

  • कोकीन की तरह शकर की भी लत लग सकती है। डॉ. रॉबर्ट लस्टविंग (एंडोक्राइनोलॉजिस्ट) के अनुसार जब भी हम शकर खाते हैं तो कोकीन की ही तरह हमारा शरीर डोपमीन पैदा करता है, यह एक ऐसा न्यूरोट्रांसमीटर है जो कुछ समय के लिए हमें क्षणिक आनंद प्रदान करता है।
  • शकर का अत्यधिक प्रयोग करने से कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है। शकर खाने से बढे हुए मोटापे के कारण शरीर में इन्सुलिन की मात्रा बढ़ जाती है जिससे कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ने में मदद मिलती है।
  • शकर खाना आपके दिल की सेहत के लिए भी अच्छा नहीं है। अधिक मात्रा में शकर का सेवन करने से आपके रक्त में ट्राईग्लिसेराइड की मात्रा बढ़ जाती है जो कि एक प्रकार का वसा ही है जो शकर से मिली कैलोरीज़ को जमा करता है।
  • शकर आपके लीवर को प्रभावित करती है। जब भी हम शकर खाते हैं तो शरीर में इन्सुलिन बनता है। फिर लीवर इस इन्सुलिन के कारण आपका लीवर आपके रक्त में पाई जाने वाली शर्करा को ग्लाइकोजिन में बदल देता है और अंततः यह ग्लाइकोजिन फैट के रूप में लीवर में जमा हो जाता है।
  • यह आपके मस्तिष्क को भी नुकसान पहुंचाती है। कुछ शुरुआती शोधों से पता चला है कि हाई ब्लडशुगर लेवल आपकी याददाश्त को भी प्रभावित करता है।
  • शकर खाना मुंहांसों का भी कारण बन सकता है। हालांकि भोजन और मुंहांसों के बीच सम्बन्ध को लेकर काफी विवाद है फिर भी कुछ शोध बताते हैं कि शकर खाने से ऐसे हारमोन निकलने लगते हैं जो तेल का स्राव करते हैं जिनसे मुहांसे ठीक होने में और भी परेशानी होती है।
  • शकर कहने से मुंह में बैक्टीरिया की संख्या बढ़ जाती है जिससे दांतों में कैविटी हो सकती है।

संक्षेप में..... 

अब जब आप जान चुके हैं कि किस तरह से शकर आपकी सेहत को प्रभावित करती है तो आपको अब कुछ भी कहते समय यह देख लेना चाहिए कि उसमें शकर की मात्रा कितनी है और वह किस प्रकार से आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती है।

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